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कोरोना ने बढ़ाई टेंशन, 7 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ फिर बैठक करेंगे PM मोदी

देश में एक दिन में कोरोना के 96,982 नए मामले सामने आए हैं जिससे संक्रमितों की कुल संख्या 1,26,86,049 हो गई। वहीं, 446 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,65,547 हो गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों ने केंद्र की भी चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को देश में पहली बार अब तक के सबसे ज्यादा 1.03 लाख नए मामले आए थे। वहीं कोरोना केसों को देखते हुए केंद्र अगले तीन दिनों में मुख्यमंत्रियों और राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ अगले दौर की बैठक करने वाला है। वहीं, टीकाकरण अभियान को सभी उम्र समूह के लोगों के लिए खोलने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

सूत्रों के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद करेंगे और इस दौरान महामारी की ताजा स्थिति के साथ ही देशभर में जारी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करेंगे। पिछले साल 30 जनवरी को देश में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद सोमवार को पहली बार संक्रमण के एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए।

बैठकों का दौर फिर शुरू

इससे पहले पीएम मोदी ने 17 मार्च को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर इस बढ़ती हुई महामारी को यहीं नहीं रोका जाएगा तो देशव्यापी संक्रमण की स्थिति बन सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन मंगलवार को 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक कर कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की समीक्षा करेंगे। इन 11 राज्यों में- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान हैं। 

उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के दैनिक मामले मात्र 25 दिन में 20,000 से बढ़कर एक लाख की संख्या पार कर चुके हैं, जबकि पिछले साल 17 सितंबर को दैनिक मामलों के उस समय की अपनी चरम संख्या 97,894 पहुंचने में 76 दिन का समय लगा था। यह दर्शाता है कि यह संक्रमण अत्यंत तेजी से फैल रहा है।  पिछले कुछ दिनों में नई पाबंदी लगाने के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली जैसे कई राज्यों ने कुछ समय के लिए स्कूलों को बंद करने या कक्षाओं को निलंबित करने की घोषणा की है। दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु जैसे कुछ राज्यों ने अनिश्चितकाल के लिए स्कूलों को बंद करने की घोषणाएं की हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब ने कुछ समय के लिए कक्षाओं को रोक दिया है। स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए शिक्षा देने के निर्देश दिए गए हैं।