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रिश्वत लेकर धड़ले से प्रदेश की मंडियों में बिक रहा बाहर के प्रदेशों का गेहूं: अभय सिंह चौटाला

अनाज मंडियों में पैसे लेकर सरेआम यूपी के गेहूं के हरियाणा के किसानों के नाम कट रहे हैं गेटपास | प्रदेश की मंडियां अब अधिकारिक तौर पर घोटालों का केंद्र बन गई हैं | यह सारे घोटाले सरकार के मंत्री और अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे हं | पैडी के दौरान बिहार से घटिया क्वालिटी का सस्ता चावल लाकर हरियाणा की मंडियों में बेचकर बहुत बड़ा घोटाला किया गया था | सरकार को इस घोटाले की न्यायिक जांच करवानी चाहिए

29 अप्रैल: हरियाणा प्रदेश के किसानों का गेहूं भाजपा-गठबंधन सरकार द्वारा खरीदा नहीं जा रहा और बाहर के प्रदेशों का गेहूं 20 रुपए प्रति क्विंटल रिश्वत लेकर धड़ल्ले से प्रदेश की मंडियों में खरीद रही है सरकार। बुधवार को करनाल और घरौंडा की अनाज मंडियों में पैसे लेकर सरेआम यूपी के गेंहू के हरियाणा के किसानों के नाम गेटपास कटते रहे और मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी अपने ऑफिस में बैठ कर इस गड़बड़ी को देखते रहे परंतु किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की यह आरोप इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव एवं पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने भाजपा-गठबंधन सरकार पर लगाए।

इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश की मंडियां अब अधिकारिक तौर पर घोटालों का केंद्र बन गई हैं और यह सारे घोटाले सरकार के मंत्री और अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे हंै। पहले भी हर साल पैडी के दौरान बिहार से घटिया क्वालिटी का सस्ता चावल लाकर हरियाणा की मंडियों में बेचकर बहुत बड़ा घोटाला किया गया था। अखबार में छपी एक खबर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें यूपी का करीब 12 हजार क्विंटल गेहूं हरियाणा के किसानोंं के नाम पर मंडी में उतर गया। वहां मौजूद लोगों ने इस सारे फर्जीवाड़े की सूचना डीसी एवं एसडीएम को दी। इन अधिकारियों ने जब सेक्रेटरी को फोन किए तो वह चार घंटे बाद उस गेट पर पहुंचा जहां ये सारा घोटाला चल रहा था। उन्होंने जब मंडी के सेक्रेटरी से पूछा गया कि  यूपी के किसान यहां क्यों आए हैं तो उसने कहा कि उसे नहीं पता आढ़तियों ने यह गेहूं मंगवाया है। वहीं सरेआम हो रहे इस फर्जीवाड़े पर आढ़तियों ने भी हैरानी जताते हुए कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कुछ नहीं है। आढ़तियों ने स्वयं कहा है कि करनाल और घरौंडा की मंडियों में यूपी का गेंहू सबसे ज्यादा खपत होता है और 20 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत के तौर पर लेकर इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस घोटाले की न्यायिक जांच करवानी चाहिए ताकि दोषियों को सजा दिलवाई जा सके।